'इन दि एयर, श्रीशांत टेक्स इट. इंडिया वीन्स'

जब भी यह वाक्य सुनता हूँ, आज भी रोमांचीत हो जाता हूँ। 4 गेंदों में पाकिस्तान को 6 रन की जरुरत, मिस्बाह जीत दिलाने के लिए बेताब और एक गलती हो जाती है जो पाकिस्तानी क्रिकेट प्रेमीयों को सालों तक खलती रहेगी। जोगींदर शर्मा जैसा युवा गेंदबाज जीत दिलाता है। पहला टी-20 वर्ल्ड कप आ गीरता है एक ऐसे देश की झोली में जो फेवरेट्स की रेस में दूर-दूर तक नहीं था। भारत दुनिया का पहला टी-2० वर्ल्ड कप जीतता है। साल था 2007।

भारत फेवरेट्स में क्यूँ नहीं था इसकी जायज वजहें हैं। 2007 में भारत ODI वर्ल्ड कप में लीग स्टेजेस में ही बाहर हो जाता है। सचिन, सहवाग, द्रवीड जैसे दिग्गजों की टिम बांग्लादेश और श्रीलंका जैसी टिमों से हारतीं हैं। पुरें देश में खिलाड़ियों के पुतले जलाए जातें है। अजरूद्दीन के मैच फिक्सिंग कांड के बाद अगर भारतीय क्रिकेट ने ज्यादा बुरा समय देखा है तो वो है 2007। वर्ल्ड कप की हार कम थी जो भारतीय टीम वहीं साल इंग्लैंड जा कर जोरदार मात खा के आती है। अगला पडाव होता है पहला टि-20 वर्ल्ड कप। साल भर बेईज्जती सहने के बाद सभी दिग्गज खिलाड़ी टि-20 वर्ल्ड कप नहीं खेलेंगे ऐसा ऐलान करतें है। सचिन, गांगुली और द्रवीड टि-20 वर्ल्ड कप से पिछे हट जाते है।

फिर क्या होता है? नया कप्तान बनाया जाता है। पहले बिहार और अब झारखंड में स्थित रांची का एक लंबे बालों वाला लडका। नाम महेंद्र सिंह धोनी। इस तरह भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल कप्तान धोनी टिम की बागडोर संभालता है। एक टिम जो साल में सिर्फ हारती रहीं है, उसे एक नये कप्तान और नयी टिम के साथ साऊथ अफ्रीका भेजा जाता हैं। उस टिम से उम्मीद रखना वाकई बेवकूफी समझी जा रहीं थी।

कट टू 24 सेप्टैंबर 2007, वही रांची का लंबे बालों वाला लडका जोहानिसबर्ग में पहला टि-20 वर्ल्ड कप उठाता है। क्रिकेट का भारत में फिर दबदबा बढता है। एक नया तुफान शुरु होता है जीस का नाम है- महेंद्र सिंह धोनी।

धोनी को फिर मिलती है ODI और टेस्ट टिम की कप्तानी। आने वाले सालों में कुछ ऐसा होता है जीसे अंग्रेजी में रेवल्यूशन कहते है। भारत ओस्ट्रेलिया में जा कर पहली बार उन्हें हराता हैं। भारत टेस्ट में नंबर 1 टिम बनता है। भारत 2011 में कुल 27 साल बाद ODI वर्ल्ड कप जीतता है। यह सब होता है एक रांची से आने वाले लडके की कप्तानी में। नाम : महेंद्र सिंह धोनी!

धोनी पे एक फिल्म बनी है। उसमेंं एक सीन आता है जब वो सिलेक्टर्स से फोन पे कहते हैं के टिम के कुछ खिलाड़ियों की अब उमर हो चुकी है और अब वे भारतीय टिम में खेलने के लिए फिट नहीं है। वो सीन फिल्म में लाजवाब लगता है। एक युवा कप्तान अपने दिग्गज खिलाड़ियों को टिम से निकाल देने का निर्णय लेता है ताकि भारत और मजबूत टिम बन के सामनें आए।

यह सब बताने की वजह है। कल BCCI नें विंडीज और ओस्ट्रेलिया के टि-20 सिरीज के लिए टिम का ऐलान किया। एक नाम है जो लिस्ट में दिखाई नहीं दे रहा है। उसे टिम से हटाया गया है। नाम हैं : महेंद्र सिंह धोनी।

धोनी अब भारतीय टि-20 टिम का हिस्सा नहीं रहेंगे। एक कप्तान जीस ने भारत को पहला टि-20 वर्ल्ड कप जीतवाया वह टिम से निकाल दिया गया है।

वजह शायद जायज है। एक दौर में गेंदबाजो की धज्जियां उखाड़ने वाले माही अब अस्त की तरफ बढ रहें है। उनका बल्ला अब वो आग नहींं उगलता जीस ने उन्हें 'World's best finisher' का खिताब दिलाया। एक युग का अंत हो रहां है। धोनी अब भी ODI टिम का हिस्सा है पर कब तक वह कहना मुश्किल है।

शायद अगले वर्ल्ड कप के बाद भारत की टिम लिस्ट में उनका नाम नहींं दिखेगा।

एक सफर था जो शुरू हुआ 'माही मार रहा है' से। उस सफर का अंत दर्दनाक है।

माही अब शायद नहीं मारेगा।

भारत को पहला टि-20 वर्ल्ड कप दिलाने वाले उस कप्तान को अलविदा।

फैझ का शेर है :
"दोनों जहान तेरी मोहब्बत में हार के,
वो जा रहा है कोई शब-ए-गम गुजार के।"

धोनी को सोशल मेडीया पे ट्रोल करने वाले लोग यह शेर समझें तो सक कुछ मुक्कमल है।